फोटोनिक्स है उम्दा संभावनाओं वाला क्षेत्र...
Business / 21/ 4 months ago

फोटोनिक्स है उम्दा संभावनाओं वाला क्षेत्र...

फोटोनिक्स के विशेषज्ञों की भारी कमी और लगातार बढ़ती मांग की वजह से इनके पेशेवरों के लिए काम की कोई कमी नहीं...
देश-दुनिया में साइंस स्टूडेंट्स और एक्सपर्ट्स प्रोफेशनल्स के लिए ‘फोटोनिक्स’ नया शब्द नहीं है, लेकिन शायद कम ही सामान्य लोग यह शब्द और इसकी उपयोगिता के बारे में अच्छी तरह जानते हों। दरअसल, आजकल की आधुनिक जीवन शैली में विभिन्न फोटोनिक्स तकनीकों का इस्तेमाल हम अपने रोजमर्रा के जीवन में लगातार करते हैं, जिनका हमें पता ही नहीं होता है। सबसे पहले, 1960 के दशक में लेजर रेज के आविष्कार के साथ ही विश्व में फोटोनिक्स साइंस और टेक्नोलाॅजी की शुरुआत हो गई थी। जब 1970 के दशक में भारत सहित पूरी दुनिया में टेलीकम्यूनिकेशन का प्रसार बढ़ा, तो हमारे रोजमर्रा के जीवन में फोटोनिक्स टेक्नोलॉजी का प्रवेश और इस्तेमाल काफी व्यापक स्तर पर शुरू हो गया, जिसके अनेक उदाहरण हैं। बारकोड स्कैनर, प्रिंटर, रिमोट कंट्रोल डिवाइसेस, सीडी/डीवीडी, माइक्रोवेव, लेजर सर्जरी, टैटू रिमूवल, वेल्डिंग, ड्रिलिंग, कटिंग, स्मार्ट कंस्ट्रक्शन स्ट्रक्चर्स, एविएशन में फोटोनिक जाइरोस्कोपेस, मिलिट्री और डिफेन्स में माइन लेइंग एंड डिटेक्शन, लेजर शोज, बीम इफेक्ट्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे अनेक महत्त्वपूर्ण और जरूरी उपकरण हैं, जिनका इस्तेमाल हम अपने दैनिक जीवन में बहुतायत में करते ही रहते हैं।

फोटोनिक्स का अर्थ और उपयोग: फोटोनिक्स वास्तव में ‘प्रकाश का विज्ञान’ अर्थात साइंस ऑफ लाइट है। इसमें प्रकाश के विभिन्न अणुओं अर्थात फोटोन्स और लाइट वेव्स (प्रकाश की तरंगों) का पता लगाने के साथ-साथ उन्हें उत्पन्न और नियंत्रित करने की टेक्नोलॉजी को शामिल किया जा सकता है। आजकल फोटोन्स का इस्तेमाल यूनिवर्स को एक्सप्लोर करने के साथ-साथ विभिन्न बीमारियों के इलाज और अपराधों की गुत्थी को सुलझाने के लिए भी किया जाता है। फोटोनिक्स गामा रेज, रेडियो वेव्स, एक्स-रेज, यूवी और इंफ्रारेड लाइट के साथ बड़े स्तर पर वेवलेंथ में विविधता की खोज करता है, ताकि मानव सभ्यता के कल्याण के लिए फोटोनिक्स का उपयोग किया जा सके।
आवश्यक शैक्षणिक योग्यताएं...
हमारे देश में किसी मान्यता प्राप्त एजुकेशनल बोर्ड से साइंस स्ट्रीम (फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स) के साथ कम से कम 50 फीसदी मार्क्स सहित अपनी 12वीं क्लास पास करने वाले स्टूडेंट्स अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन ले सकते हैं। भारत में बहुत से कॉलेज और यूनिवर्सिटीज फोटोनिक्स को साइंस के एक इंटरडिसिप्लिरी विषय के तौर पर भी पढ़ाते हैं। भारत में फोटोनिक्स की फील्ड में साथ के बाॅक्स में दिए गए कोर्सेज में स्टूडेंट्स एडमिशन ले सकते हैं:
 डिप्लोमा - फोटोनिक्स या ऑप्टो-इलेक्ट्रॉनिक्स
 बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग - फोटोनिक सिस्टम
 बीएससी - फोटोनिक्स या ऑप्टो-इलेक्ट्रॉनिक्स
 एमएससी - फोटोनिक्स या ऑप्टो-इलेक्ट्रॉनिक्स
 एमटेक - फोटोनिक्स या ऑप्टो-इलेक्ट्रॉनिक्स
 एमफिल - फोटोनिक्स
 पीएचडी - फोटोनिक्स या ऑप्टो-इलेक्ट्रॉनिक्स

भारत में फोटोनिक्स जॉब्स के लिए प्रमुख रिक्रूटर्स...
स्टर्लाइट ऑप्टिकल टेक्नोलॉजी लिमिटेड, नई दिल्ली
सहजानंद टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, सूरत
एडवांस्ड फोटोनिक्स, मुंबई महाराष्ट्र
क्वालिटी फोटोनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद
ईगल फोटोनिक्स, बैंगलोर/चेन्नई  जॉन एफ. वेल्श टेक्नोलॉजी सेंटर, बैंगलोर
साइंस स्टूडेंट्स के लिए कॅरिअर स्कोप...
दुनिया भर में आज भी फोटोनिक्स स्पेशलिस्ट्स की कमी की वजह से संबंधित कंपनियों और इंडस्ट्रीज में इन पेशेवरों को तुरंत काम मिल सकता है। आमतौर पर विभिन्न कंपनियां और संस्थान फोटोनिक्स स्पेशलिस्ट्स को साइंटिस्ट्स, तकनीशियन और इंजीनियर्स के तौर पर जॉब ऑफर करते हैं। इसी तरह, ये पेशेवर पीएचडी करने के बाद देश के विभिन्न कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में टीचिंग भी कर सकते हैं। भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों के साइंस से संबद्ध विभागों, नेशनल रिसर्च लेबोरेटरीज और फोटोनिक्स से संबद्ध विभिन्न इंडस्ट्रीज में भी ये पेशेवर फोटोनिक्स से संबंधित विभिन्न साइंस फील्ड्स जैसे कि, लेजर्स, नैनो टेक्नोलॉजी, रेडिएशन ट्रीटमेंट, ऑप्टिकल मटेरियल्स और मेडिकल इमेजिंग में रिसर्चर, साइंटिस्ट या इंजीनियर आदि के तौर पर जॉब ज्वाइन कर सकते हैं।

प्रमुख संस्थान...
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), चेन्नई/दिल्ली
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ फोटोनिक्स, कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (सीयूएसएटी )
राजऋषि शाहू महाविद्यालय, फोटोनिक्स विभाग, लातूर, महाराष्ट्र
मनिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मनिपाल
सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीईईआरआई), पिलानी

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