Description
जनपद बिजनौर
राजा बेन के बसाए बिजनौर के नाम को लेकर कई जनश्रुतियां हैं, लेकिन माना जाता है कि यहां की सभ्यता एवं संस्कृति रामायण काल से भी पुरानी है। कहा जाता है कि हिमालय की उपत्यका में स्थित बिजनौर में विश्व का पहला गुरुकुल था, जिसके कुलपति महर्षि कण्व थे और उसमें 10 हजार ऋषि शिक्षा ग्रहण करते थे। वरिष्ठ पत्रकार अशोक मधुप द्वारा लिखी ‘जनपद बिजनौर’ यहां के इतिहास, भूगोल, सभ्यता, संस्कृति और उत्सव-त्योहार आदि की इन्साइक्लोपीडिया की तरह है, जो शिक्षाविदों, अनुसंधानकर्ताओं, छात्रों के लिए तो उपयोगी है ही, आम लोगों के लिए पठनीय एवं रोचक ग्रंथ है।











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