न्यूट्रिशियन-डायटेटिक्स सुनहरे भविष्य की ओर...
Business / 17/ 6 months ago

न्यूट्रिशियन-डायटेटिक्स सुनहरे भविष्य की ओर...

अगर दूसरों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में आपकी रुचि है, तो डायटीशियन का क्षेत्र आपके लिए खुला है...
यटीशियन आहार विज्ञान के विशेषज्ञ होते हैं, जो लोगों की पोषण संबंधी समस्याओं का आकलन, निदान और उपचार करते हैं। आहार विशेषज्ञ/डायटीशियन सरकारी या निजी अस्पतालों में मरीजों के स्वास्थ्य की देखभाल करने से लेकर सामान्य लोगों को पोषण संबंधी सलाह प्रदान करने वाली गैर-लाभकारी संस्थाओं की सेवा करने तक कई भूमिकाएं निभाते हैं। तो अगर पोषण के क्षेत्र में और दूसरों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के क्षेत्र में आपकी विशेष रुचि है, तो डायटीशियन बनना आपके लिए एक शानदार कॅरिअर विकल्प साबित हो सकता है।

क्या होते हैं कार्य
डायटीशियन का कार्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का विश्लेषण करना होता है। इस प्रक्रिया में केवल खाने से पहले ही आहार की गुणवत्ता का िर्धारण नहीं किया जाता, बल्कि शरीर पर आहार के पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण भी किया जाता है। सामान्यतया अस्पताल में काम करने वाले ऐसे प्रोफेशनल्स डायटीशियन और हेल्थकेयर या फिटनेस सेंटर में काम करने वाले न्यूट्रीशनिस्ट कहलाते हैं।
व्यक्तिगत गुण जो हैं जरूरी...
डायटीशियन का काम खानपान के तौर-तरीकों से अवगत कराने के अलावा अच्छे स्वास्थ्य के मद्देनजर जरूरी चीजों को बढ़ावा देना है। इसलिए एक अच्छे डायटीशियन को खानपान में रुचि होने के साथ-साथ उसे तैयार करने की विधि की जानकारी भी होनी चाहिए। कम्युनिकेशन स्किल्स बेहतर होनी चाहिए।

कोर्स और शैक्षणिक योग्यता...
इस क्षेत्र में जो भी कॅरिअर ऑप्शन हैं, वे ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद सामने आते हैं। पीजी के बाद अच्छे अवसर मिलते हैं। इसके लिए छात्रों को होम साइंस, न्यूट्रीशन व डायटेटिक्स, क्लीनिकल न्यूट्रीशन, फूड साइंस/टेक्नोलॉजी से संबंधित कोर्स करना अनिवार्य है। बैचलर कोर्स (डायटीशियन या न्यूट्रीशन) के लिए विद्यार्थियों को होम साइंस या साइंस स्ट्रीम के साथ 12वीं पास होना जरूरी है। कुछ संस्थान ऐसे भी हैं, जो 12वीं के बाद 4 वर्षीय फूड टेक्नोलॉजी का कोर्स कराते हैं। इसके बाद मास्टर कोर्स में दाखिला लिया जा सकता है। एकवर्षीय पीजी डिप्लोमा कोर्स भी विद्यार्थियों के आकर्षण का केंद्र बना रहता है। इसमें प्रवेश पाने के लिए आपके पास फूड साइंस, होम साइंस, बायोटेक्नोलॉजी आदि में बैचलर डिग्री होनी चाहिए। पोषण और आहार विज्ञान, पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा व आहार सहायक में डिप्लोमा, बीएससी (पोषण और डायटेटिक्स), नैदानिक पोषण और आहार विज्ञान में बीएससी इत्यादि इस क्षेत्र के प्रमुख कोर्स हैं।
अवसर कहां-कहां...
इस क्षेत्र में प्राइवेट और सरकारी, दोनों ही सेक्टरों में नौकरियां मिलती हैं। स्कूल, हॉस्पिटल, हेल्थ सेंटर, एनजीओ, जिम आदि जगहों पर डायटीशियन की नियुक्ति होती है। आजकल कॉरपोरेट घराने भी अपने यहां इनकी नियुक्ति करने लगे हैं, ताकि कर्मचारियों की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को दूर किया जा सके। अनुभव होने के बाद आप खुद की कंसल्टेंसी भी खोल सकते हैं। विदेश में भी ऐसे प्रोफेशनल्स की मांग बनी रहती है। वेतनमान आपके ज्ञान और अनुभव के साथ-साथ नियोक्ता संस्थानों की प्रकृति से भी निर्धारित होता है।

प्रमुख संस्थान..
दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली www.du.ac.in
इंदिरा गांधी नेशनल ओपेन यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली www.ignou.ac.in
यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई, मुंबई www.mu.ac.in
राष्ट्रीय पोषण संस्थान, हैदराबाद www.nin.res.in/
मद्रास विश्वविद्यालय, चेन्नई www.unom.ac.in
 एक्सपर्ट
डॉ. अंशु चौहान
सर्टिफाइड डायटीशियन  

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