रेडियो में मौजूद हैं तमाम विकल्प
Business / 18/ 4 months ago

रेडियो में मौजूद हैं तमाम विकल्प

अगर रेडियो में कॅरिअर बनाना चाहते हैं तो, केवल रेडियो जाॅकी ही नहीं, बल्कि तमाम ऐसे पद हैं, जिनमें प्रतिभाशाली युवा संभावनाएं तलाश सकते हैं...
जमाना बेशक बदल गया हो, लेकिन रेडियो की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं दिखती। हाल-फिलहाल में एफएम चैनलों के विस्तार ने रेडियो के क्षेत्र में कॅरिअर की अनेक संभावनाएं पैदा की हैं। एफएम रेडियो के बढ़ते क्रेज ने युवाओं के लिए रेडियो जॉकी, रेडियो प्रबंधन, रेडियो प्रोडक्‍शन व काॅरपोरेट कम्युनिकेशन सहित रेडियो से जुड़े कई क्षेत्रों में रोजगार के द्वार खेल दिए है। ऐसे में सरकारी संस्‍थानों के अलावा कई निजी संस्‍थानों ने रेडियो एवं इससे जुड़े विषयों का पाठ्यक्रम शुरू किया है। आज रेडियो के क्षेत्र में रेडियो जॉकी के अलावा भी कई विकल्प हैं। आवाज की दुनिया में अच्छी आवाज के साथ, अच्छे लेखन, अच्छे प्रोग्राम प्रबंधन, म्यूजिक शेड्युलिंग आदि विभिन्न रूपों में अपना कॅरिअर बना सकते हैं ।

रेडियो पर कैसे-कैसे अवसर
=रेडियो जॉकी
रेडियो जॉकी बनने के लिए ज्यादा बोलना नहीं, वरन सुंदर और स्पष्ट बोलना अपेक्षित होता है। एक अच्छे रेडियो जाॅकमें समसामयिक घटनाओं का ज्ञान, संगीत में रुचि और बातों को अलग ढंग से प्रस्तुत करने का क्रिएटिव गुण होना चाहिए।
=कॉन्टेंट हेड
काॅन्टेंट हेड रेडियो के महत्वपूर्ण पदों में से एक है। रेडियो कार्यक्रमों के पूरे काॅन्टेंट के लिए यही जिम्मेदार होता है। इसके कार्यों में रेडियो के कार्यक्रम के अलग प्रस्तुतीकरण, एकदम जुदा और नई थीम को शामिल करना, किसी नई मुहिम को शुरू करना, किसी खास क्लाइंट के लिए कस्टमाइज्ड कंटेंट, किसी खास दिन के लिए विशेष कार्यक्रम, आकस्मिक कार्यक्रम की संरचना करना इत्यादि शामिल हंै।
=प्रोग्रामिंग हेड
इसका कार्य अपनी रेडियो जॉकी की टीम, म्यूजिक, आउटडोर आरजे, प्रोड्यूसर, सेल्स टीम के साथ टीम वर्क करना, समय पर रिपोर्ट्स आदि बनवाना आदि।
= स्क्रिप्ट राइटर
रेडियो में स्क्रिप्ट राइटर न केवल रेडियो प्रोग्राम के लिए,बल्कि क्लाइंट्स के लिए विज्ञापन हेतु भी लेखन करते हैं। इसके अलावा इन्हें कुछ विशेष कैप्सूल स्क्रिप्ट, ब्रांड इंटीग्रेशन, कैरक्टर स्क्रिप्ट, चुनिंदा क्लाइंट्स के लिए टैग लाइन भी तैयार करना होता है।
= प्रोमो प्रोड्यूसर
प्रोमो प्रोड्यूसर का कार्य किसी भी कार्यक्रम के प्रोमो समय पर डिलीवर करना, विज्ञापन के स्क्रैच बनाना और समयबद्ध तरीके से प्रोडक्शन करना इत्यादि होता है।
= म्यूजिक शेड्युलर
एक म्यूजिक शेड्युलर को बॉलीवुड एवं अन्य गीतों का ज्ञान होना चाहिए। किस समय कौन-सा गीत प्ले करना है, कार्यक्रम की थीम के अनुसार, किसी खास दिन के लिए, मौसम के अनुसार या गीतों की फरमाईश पर उन्हें उपयुक्त तरीके से प्ले आउट में शामिल करना, म्यूजिक रिपोर्ट्स तैयार करना इत्यादि म्यूजिक शेड्युलर की जिम्मेदारियों में शामिल हैं।
=साउंड इंजीनियर
साउंड इंजीनियर को ऑडियो सॉफ्टवयेर पर काम करना आना चाहिए। एडिटिंग, मिक्सिंग का ज्ञान होना चाहिए। साउंड इफेक्ट्स को देखना, समयबद्ध विज्ञापन बनाना आदि  इसके ही कार्य हैं।।
= रेडियो प्रोड्यूसर
कार्यक्रम के लिए स्पेशल इंटरव्यू, गेस्ट लिस्ट, ऑडियो बाइट, लिसनर कनेक्ट, लिसनर मैनेजमेंट सिस्टम, कॉन्टेस्ट्स ट्रैक आदि इंतजाम करना रेडियो प्रोड्यूसर का काम है।
= फील्ड आरजे
फील्ड आरजे का कार्य स्टूडियो से बाहर फील्ड में रिकॉर्डिंग, स्टूडियो से कनेक्ट करके कार्यक्रम में मदद करना, किसी खास दिन या किसी खास कार्यक्रम में पब्लिक से बाइट रिकॉर्ड करना, वॉक्स पाप बनाने में मदद करना आदि हैं।
= रेडियो सेल्स एंड रेडियो मार्केटिंग
रेडियो सेल्स एवं मार्केटिंग टीम पूरी तरह से विक्रय और ब्रांडिंग का काम करती है। क्लाइंट्स को रेडियो कार्यक्रमों से जोड़ना एवं उनके प्रोडक्ट को रेडियो के माध्यम से प्रमोट करना भी इसी की जिम्मेदारी है।

योग्यता और कोर्सेज
अगर आप 12वीं पास हैं और आपने मास -कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म से ग्रेजुएशन किया है, तो इसका मतलब है कि आप रेडियो पर काम करने की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता रखते हैं। आज कई संस्थान रेडियो जॉकी, रेडियो प्रोडक्शन, रेडियो प्रोग्राम प्रोडक्शन, रेडियो मैनेजमेंट आदि में शार्ट टर्म अथवा डिप्लोमा के कोर्सेज करवा रहे हैं। इनमें प्रमुख हैं- रेडियो जॉकिंग में डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्स, डिप्लोमा इन रेडियो मैनेजमेंट, रेडियो प्रोडक्‍शन में सर्टिफिकेट कोर्स आदि। लेकिन रेडियो पर सफल होने के लिए केवल कोर्स करना काफी नहीं, आपका व्यक्तित्व आकर्षक, हिंदी व अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ एवं गीत-संगीत में रुचि होनी चाहिए। साथ ही सम-सामयिक घटनाओं पर भी आपकी पैनी नजर होनी चाहिए।
प्रमुख संस्थान...
जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ कम्यूनिकेशन, मुंबई www.xaviercomm.org
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन http://iimc.nic.in/

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