रबर टेक्नोलॉजी कोर्स इन डिमांड
Marketing / 31/ 2 weeks ago

रबर टेक्नोलॉजी कोर्स इन डिमांड

दुनिया का हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में रबर के उत्पादों पर निर्भर है। पर बहुत कम लोग जानते होंगे कि पौधे से तरल के रूप में निकलने वाला लेटेक्स या सिंथेटिक रबर उत्पाद की शक्ल कैसे लेता है। वास्तव में लेटेक्स से रबर और रबर से उत्पाद बनाने की प्रक्रिया रबर टेक्नोलॉजी कहलाती है। इसके तहत रबर के प्रकारों ,उनकी प्रकृति के मुताबिक विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाए जाते है। जैसे -जैसे ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री समृद्ध हुई है और दूसरे उद्योगों में रबर के इस्तेमाल का दायरा बढ़ा है, छात्रों के लिए रबर टेक्नोलॉजी एक बेहतर कॅरिअर ऑप्शन बन कर उभरा है। अब तो हमारे देश के कई कॉलेजों संस्थानों में रबर टेक्नोलॉजी के कोर्स उपलब्ध हैं। देश के विभिन्न संस्थान रबर टेक्नोलॉजी में बैचलर डिग्री कोर्स बीई या बी. टेक के रूप में कराते है। इसके बाद छात्र चाहें तो रबर टेक्नोलॉजी में दो साल का एम.टेक डिग्री कोर्स भी कर सकते है। भारत में इस समय छह हजार से भी अधिक रबर ईकाइयां है। हैरानी की बात यह है कि बहुत कम लोगों को ही पता है कि रबर टेक्नोलॉजी में भी कॅरिअर की असीम संभावनाएं है। ऑटो इंडस्ट्री और टायर की मांग बढ़ने से रबर इंडस्ट्री को भी मजूवती मिली है। कार, बस ,प्लेन आदि की एक्सेसरीज में भी रबर के बढ़ते इस्तेमाल ने भी इस इंडस्ट्री में बने उत्पादों की मांग को बढ़ा दिया है। किसी रबर प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से पहले आपने शायद ही सोचा होगा कि यह फील्ड इंजीनियरिंग की उन कुछ ब्रांचेज में से एक है, जिन्हें इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी का भविष्य माना जाता है। कपड़ों से लेकर खिलौनों तक और फुटवियर से लेकर स्टेशनरी व एक्सेसरी तक आज हर चीज में रबर का इस्तेमाल किया जाता है। यही वजह है कि इस ब्रांच का स्कोप भी बहुत ज्यादा है। अगर आप भी इंजीनियरिंग करने की सोच रहे हैं, तो रबर टेक्नोलॉजी में बढ़िया कॅरिअर बना सकते हैं।

विदेश में संभावनाएं
अंतरराष्ट्रीय टायर कंपनियां और दूसरी इंडस्ट्रीज भारतीय प्रोफेशनल्स को तरजीह दे रही है। फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका में चूंकि रबर प्रोसेसिंग इकाइयों की संख्या अधिक है, लिहाजा भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए इन देशों में ज्यादा विकल्प माैजूद हैं। इसके अलावा फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका में भी इस फील्ड के प्रोफेशनल्स को आकर्षक पैकेज मिल जाता है। यही वजह है कि यह कोर्स हर दृष्टि से फायदेमंद माना जाता है।

अपार संभावनाएं
रबर टेक्नोलॉजी कॅरिअर के बिल्कुल नए विकल्प के रूप में सामने आया है। वर्तमान में मांग की तुलना में इस इंडस्ट्री के जानकारी की मांग की तुलना में इस इंडस्ट्री के जानकारी की मांग काफी कम है। रबर टेक्नोलॉजी के छात्रों को ज्यादातर टायर कंपनियां मसूलन ,अपोलो टायर्स ,जेके टायर्स , एमआरएफ ,सीएट आदि रिक्रूट करती है। इसके अलावा वाटरप्रूफ चीजें बनाने वाली दूसरी कंपनियां में भी रबर टेक्नोलॉजी के छात्रों के लिए काफी संभावना है। अन्य इंडस्ट्रीज की बात करें तो गैस अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड , एचसीएल टेक्नोलॉजी और हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स में भी रबर टेक्नोलॉजी के प्रोफेशनल्स की जरूरत रहती है।

आवश्यक योग्यताएं
इस फील्ड में कॅरिअर प्लान करने के लिए 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स जैसे विषय होने जरूरी हैं। इसके बाद आप बीटेक या बीई इन रबर टेक्नोलॉजी, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रबर टेक्नोलॉजी, एमटेक या एमई इन रबर टेक्नोलॉजी, डिप्लोमा इन रबर टेक्नोलॉजी और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मॉलिक्युलर साइंस एंड रबर टेक्नोलॉजी जैसे कोर्स कर सकते हैं।

Leave a comment