मनोविज्ञान कॅरिअर का बेहतर समाधान
Business / 16/ 6 months ago

मनोविज्ञान कॅरिअर का बेहतर समाधान

कोविड और काॅम्पिटिशन के
तनाव से भरे वर्तमान माहौल में एक अच्छे मनोवैज्ञानिक की मांग लगातार बढ़ रही है...
वर्तमान माहौल में एक ओर जहां लोगों की सुविधाओं में इजाफा हुआ है, वहीं चिंता, तनाव, अवसाद जैसी परेशानियां भी उभरकर सामने आई हैं। कोविड महामारी के समय में तो लोगों की मानसिक समस्याएं ज्यादा विकराल रूप में सामने आई हैं। इन्हीं वजहों से सामान्य व्यक्तित्व विकास के अलावा मानसिक परेशानियों के हल के रूप में मनोविज्ञान का महत्व बढ़ता ही जा रहा है। इतना ही नहीं, बेहतर कर्मचारियों के चयन में भी मनोविज्ञान से काफी मदद मिलती है। मनोविज्ञान मानव व्यवहार से जुड़े सभी पहलुओं का वैज्ञानिक अध्ययन है। इसलिए समाज के हर क्षेत्र में किसी-न-किसी रूप में इसकी जरुरत बनी रहती है और यही कारण है कि मनोविज्ञान की आज कई शाखाएं बन चुकी हैं, जैसे चाइल्ड, साइकोलोजी , क्लिनिकल साइकोलोजी, रिहैबिलिटेशन, काउंसिलिंग, इंडस्ट्रियल सायकोलॉजी, क्रिमिनल साइकोलॉजी आदि।  बढ़ती जरुरत के कारण इस फील्ड में अवसर भी लगातार बढ़ रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता
कई संस्थानों में 12वीं में भी मनोविज्ञान की पढ़ाई होती है। जो विद्यार्थी मनोविज्ञान में स्नातक स्तर का कोर्स करना चाहते हैं, उनके लिए जरुरी है कि वे 12वीं उत्तीर्ण हों। मनोविज्ञान में पीजी के लिए इसी विषय विषय में ग्रेजुएट होना जरुरी है। पीजी के बाद  अगर आप उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं तो, एमफिल व पीएचडी के विकल्प खुले हुए हैं।
अवसर कहां-कहां...
मनोवैज्ञानिक व्यक्तित्व और व्यवहार से संबंधित न सिर्फ आंकड़ों का संकलन करते हैं, बल्कि पर्सन, बिजनेस, मैनेजमेंट, एप्लाॅई रिलेशन, लॉ, स्पोर्ट्स आदि विभिन्न परिस्थितियों में उन्हें लागू भी करते हैं। इसलिए मनोविज्ञान की जरुरत आज अनेक सेक्टर्स में है। स्कूलों, कॉलेजों आदि विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में काउंसलर के रूप में मौके मिलते हैं। क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट की आज काफी मांग है।  हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, रिहैबिलिटेशन सेंटर, समाज सेवा में संलग्न एनजीओ आदि में इन विशेषज्ञों को मौके मिलते हैं।  कैदी सुधार गृहों में भी क्रिमिनल साइकोलाॅजिस्ट को अवसर मिलते हैं, जबकि विभिन्न स्पोर्ट्स क्लब द्वारा खिलाडि़यों को मानसिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मनोवैज्ञानिकों की मदद ली जाती है।  इसके अलावा विभिन्न निजी और सरकारी कर्मचारियों के बेहतर चयन के मद्देनजर मनोवैज्ञानिकों की मदद ली जाने लगी है। चूंकि मनोविज्ञान में नए-नए शोध कार्यों की जरुरत हमेशा हॉट है, इसलिए रिसर्चर के रूप में भी आप अपने कॅरिअर को आगे ले जा सकते हैं। टीचिंग तो इस फील्ड में विकल्प है ही, आप चाहे तो काउंसलर के रूप में निजी प्रैक्टिस से भी अच्छी कमाई कर सकते हैं।
समझें लोगों की समस्याएं...
जो विद्यार्थी मनोविज्ञान के क्षेत्र में कॅरिअर बनाना चाहते हैं, उनके लिए जरुरी है कि लोगों से मिलने-जुलने में उनकी दिलचस्पी हो। उनकी बातचीत का सलीका बेहतर होना चाहिए। उन्हें एक अच्छा श्रोता भी होना चाहिए। तभी वे बातों को, समस्याओं को ठीक से समझ सकेंगे।  लोगों की समस्याएं या मनोवैज्ञानिक जरूरतें किसी भी फील्ड की हो सकती हैं, इसलिए एक मनोविज्ञानी के लिए जरुरी है कि वह अपने सामान्य ज्ञान और सम-सामयिक जानकारी को सदैव दुरुस्त रखें।

कैसे-कैसे कोर्स...
बीए इन साइकोलॉजी, बीए ऑनर्स इन साइकोलॉजी, बीएससी इन साइकोलॉजी, एमए इन साइकोलॉजी, एमएससी इन अप्लायड साइकोलॉजी, पीजी डिप्लोमा इन गाइडेंस एंड काउंसलिंग, पीजी डिप्लोमा इन चाइल्ड साइकोलॉजी केयर एंड मैनेजमेंट, पीजी डिप्लोमा इन क्लिनिकल एंड कम्युनिटी साइकोलॉजी आदि कई तरह के कोर्सेज इस फील्ड में उपलब्ध हैं। कई संस्थानों में 12 वीं में भी मनोविज्ञान की पढ़ाई होती है।  इसके अलावा ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और एमफिल, पीएचडी लेवल पर भी इस विषय का अध्ययन किया जा सकता है।  बाद में उच्च शिक्षा के स्तर पर मनोविज्ञान की विभिन्न शाखाओं में से किसी में भी विशेषज्ञता हासिल की जा सकती है।

प्रमुख संस्थान...
दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली www.du.ac.in
तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय  www.tmu.ac.in
जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली www.jmi.sv.in
एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा व अन्य केंद्र www.amity.edu
उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद www.osmania.ac.in
कोलकाता यूनिवर्सिटी www.caluniv.ac.in
बेंगलुरु यूनिवर्सिटी, बेंगलुर bangaloreuniversity.ac.in
इग्नू, दिल्ली www.ignou.ac.in


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